वेबसाइट बनाना आजकल बहुत आसान हो गया है, लेकिन असली लड़ाई है गूगल के फर्स्ट पेज पर आने की। जब कोई गूगल पर कुछ भी सर्च करता है, तो गूगल यह तय कैसे करता है कि कौन सी वेबसाइट सबसे ऊपर दिखेगी? इसके पीछे सबसे बड़ा रोल बैकलिंक्स का होता है।
अगर आप भी परेशान हैं और जानना चाहते हैं कि website ke liye backlink kaise banaye, तो इस पोस्ट को पूरा पढ़िए। मैं आपको कोई किताबी ज्ञान नहीं दूँगा, बल्कि अपना 4 साल का प्रैक्टिकल अनुभव शेयर करूँगा।
असल में बैकलिंक होता क्या है?
मान लीजिये इंटरनेट एक बड़ा सा शहर है और हर वेबसाइट एक दुकान है। अब अगर शहर की 10 बड़ी और मशहूर दुकानें अपनी दुकान के बाहर आपकी दुकान का पता लिख दें और लोगों से कहें कि वहां जाओ वो अच्छा सामान देते हैं, तो इससे आपकी दुकान की इज़्ज़त शहर में बढ़ जाएगी।
इंटरनेट पर भी बिल्कुल ऐसा ही होता है। जब कोई दूसरी वेबसाइट अपने किसी आर्टिकल में आपकी वेबसाइट का लिंक डालती है, तो उसे बैकलिंक कहते हैं। यह गूगल के लिए एक वोट की तरह काम करता है। जितनी अच्छी वेबसाइट्स से आपको वोट मिलेंगे, गूगल आपकी साइट को उतना ही ऊपर रैंक करेगा।
बैकलिंक्स बनाने से पहले एक ज़रूरी काम:
बैकलिंक्स का फायदा तभी मिलता है जब आपकी वेबसाइट बहुत फ़ास्ट हो और उसका डिज़ाइन बढ़िया हो। अगर आपकी साइट स्लो है, तो गूगल आपको कभी रैंक नहीं करेगा। एक फ़ास्ट वेबसाइट के लिए मैं हमेशा Hostinger की पावरफुल होस्टिंग इस्तेमाल करता हूँ। आप पेमेंट के समय BLOGGINGRS कूपन कोड डालकर 20% का एक्स्ट्रा डिस्काउंट भी ले सकते हैं।
तरीका 1: गेस्ट पोस्टिंग से हाई क्वालिटी बैकलिंक लें
यह बैकलिंक बनाने का सबसे सॉलिड और असरदार तरीका है। इसमें आपको अपनी केटेगरी की दूसरी अच्छी वेबसाइट्स को खोजना होता है और उनके मालिक को ईमेल करना होता है कि आप उनके ब्लॉग के लिए एक बहुत बढ़िया आर्टिकल फ्री में लिखना चाहते हैं।
जब वो आपका आर्टिकल अपनी साइट पर पब्लिश करते हैं, तो उस आर्टिकल के अंदर आप अपनी वेबसाइट का एक लिंक दे सकते हैं। इसे गेस्ट पोस्ट बैकलिंक कहते हैं और गूगल इसे बहुत पसंद करता है।
तरीका 2: प्रोफाइल बैकलिंक्स बनाएं
शुरुआत में अपनी वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी बढ़ाने के लिए यह तरीका बहुत बढ़िया है। इंटरनेट पर बहुत सारी बड़ी वेबसाइट्स हैं जैसे फेसबुक, ट्विटर, पिंटरेस्ट, मीडियम और क्वोरा।
आपको इन वेबसाइट्स पर जाना है, अपनी प्रोफाइल बनानी है और वहां वेबसाइट वाले बॉक्स में अपनी वेबसाइट का लिंक डाल देना है। यह बहुत ही आसान है और इसमें कोई खर्चा भी नहीं लगता है।
तरीका 3: कम्पटीटर के बैकलिंक्स चेक करें
जो वेबसाइट गूगल में पहले नंबर पर आ रही है, उसने भी तो कहीं ना कहीं से बैकलिंक्स बनाये होंगे। अगर हमें पता चल जाए कि उसने लिंक कहाँ से लिए हैं, तो हम भी वहां से लिंक बना सकते हैं।
इसके लिए आहरेफ्स या सेमरश जैसे एसईओ टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है। आप बस अपने कम्पटीटर की वेबसाइट का लिंक वहां डालें और टूल आपको बता देगा कि उसे बैकलिंक कहाँ-कहाँ से मिले हैं। फिर आप भी उन वेबसाइट्स के मालिक से संपर्क करके लिंक मांग सकते हैं।
तरीका 4: कंटेंट इतना गज़ब लिखें कि लोग खुद लिंक दें
अगर मैं सच कहूँ, तो असली एसईओ इसी को कहते हैं। अगर आप अपनी वेबसाइट पर कोई बहुत ही गज़ब की रिसर्च, डेटा या ऐसा कंटेंट डालते हैं जो इंटरनेट पर कहीं और नहीं है, तो दूसरी वेबसाइट्स वाले जब भी उस टॉपिक पर लिखेंगे, वो खुद आपको क्रेडिट देने के लिए आपका लिंक लगा देंगे।
एक सख्त चेतावनी: स्पैम से बचें
कई नए लोग फाइबर या फाइवर जैसी साइट्स से 500 रुपये में 1000 बैकलिंक्स खरीद लेते हैं। यह सब रोबोट और स्पैम सॉफ्टवेयर से बनाये जाते हैं। गूगल बहुत स्मार्ट है, जैसे ही उसे पता चलेगा कि आपने स्पैम लिंक्स खरीदे हैं, वो आपकी वेबसाइट को पूरी तरह से ब्लॉक कर देगा और आपका सारा काम बर्बाद हो जायेगा। इसलिए हमेशा नेचुरल तरीके से काम करें।
सारांश
बैकलिंक्स बनाना एक दिन का काम नहीं है, इसमें महीनों की मेहनत लगती है। सबसे पहले अपनी वेबसाइट पर कम से कम 20 से 30 बहुत ही शानदार आर्टिकल्स लिखें और उसके बाद धीरे-धीरे ऊपर बताये गए तरीकों से बैकलिंक्स बनाना शुरू करें। अगर आपका कंटेंट अच्छा है, तो गूगल आपको रैंक ज़रूर करेगा।